वायुसेना की ताकत बढ़ी / एयरफोर्स चीफ भदौरिया ने सुलूर एयरबेस से तेजस में उड़ान भरी, 18वीं स्क्वॉड्रन ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ को शामिल किया

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लड़ाकू विमान तेजस को एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी और हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है।

दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 12:16 PM IST

कोयंबटूर. स्वदेशी विमान तेजस की दूसरी स्क्वाड्रन बुधवार को वायुसेना में शामिल हो गई। इसे फ्लाइंग बुलेट्स नाम दिया गया है, जिसकी शुरुआत वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने तेजस लड़ाकू विमान उड़ाकर की। कोयंबटूर के सुलूर एयरबेस से ये उड़ान भरी गई। भदौरिया ने अब तक राफेल लड़ाकू विमान सहित 28 से ज्यादा तरह के विमानों को उड़ाया है। भदौरिया क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और पायलट अटैक इंस्ट्रक्टर भी हैं।

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1971 की जंग में 18वीं स्क्वाड्रन की अहम भूमिका रही थी

तेजस से लैस दूसरी और वायुसेना की 18वीं स्क्वाड्रन की स्थापना 1965 में की गई थी। पाकिस्तान के साथ 1971 की जंग में इसकी अहम भूमिका रही थी। इस स्क्वाड्रन को 15 अप्रैल 2016 को हटा दिया गया था। इससे पहले इसमें मिग-27 विमान शामिल थे।