महाराष्ट्र / राजनीतिक उठापठक के बीच उद्धव ने बुलाई महाअघाड़ी नेताओं की बड़ी बैठक

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दैनिक भास्कर

May 27, 2020, 10:34 AM IST

मुंबई. महाराष्ट्र में चल रहे सियासी हलचल के बीच मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज वर्षा बंगले पर महाविकास अघाड़ी गठबंधन सहयोगियों की बैठक बुलाई है। बैठक इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण है कि पिछले दो दिनों से दो बड़े भाजपा नेता प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर चुके हैं। 

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे  के सरकारी आवास वर्षा बंगला पर महाविकास आघाड़ी की महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है।  यह बैठक सुबह 11 बजे हो सकती है. इस महत्वपूर्ण बैठक में गठबंधन तीनों पार्टियों यानी शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस बड़े नेता शामिल हो सकते हैं।

ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक विवादइस राजनीतिक उथल-पुथल की खबरों को रफ्तार तब मिली जब 25 मई की सुबह शरद पवार ने महाराष्ट्र के राज्यपाल बीएस कोश्यारी के साथ मुलाकात की। पवार और कोश्यारी के बीच इस बैठक का समय अहम माना जा रहा था क्योंकि यह शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन (महा विकास अघाड़ी) सरकार का नेतृत्व कर रही शिवसेना और राज भवन के बीच पिछले दिनों सामने आए गतिरोध की पृष्ठभूमि में हुई है।

ठाकरे सरकार पर कोई खतरा नहीं : शरद पवार
मंगलवार को राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने स्पष्ट कहा कि राज्य की ठाकरे सरकार स्थिर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर कोई खतरा नहीं है। पवार ने कहा कि ठाकरे सरकार को समर्थन देने वाली कांग्रेस और राकांपा मजबूती से सरकार के साथ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस तीनों दल एकजुट हैं। पवार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य कोरोना संकट से बाहर निकलने का है। इसके लिए पूरी ताकत लगानी है। 
राज्यपाल ने चाय पीने के लिए मुझे बुलाया था  
सोमवार को राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मुलाकात पर पवार ने कहा कि कोश्यारी के राज्यपाल बनने के बाद मैं उनसे एक बार भी मुलाकात नहीं कर पाया था। राज्यपाल ने मुझे दो बार चायपान के लिए निमंत्रण दिया था। इसलिए मैंने उनसे मुलाकात की। पवार ने कहा कि राज्यपाल ने मुझसे कहा कि मुख्यमंत्री राज्य में अच्छा काम कर रहे हैं। आप सभी लोग एकजुट होकर काम कर रहे हैं। इससे पहले पवार सोमवार को राज्यपाल से मुलाकात के बाद देर रात को मुख्यमंत्री ठाकरे से मातोश्री में मिलने गए थे। इससे सरकार को लेकर अलग-अलग अटकलें लगाई जा रही थीं। 

राष्ट्रपति शासन के लिए गुजरात सबसे फिटः राऊत
शिवसेना सांसद संजय राऊत ने भी कहा कि राज्य सरकार को कोई खतरा नहीं है। राऊत ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। अगले पांच साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में महाविकास आघाडी मिलकर लड़ेगी। राऊत ने कहा कि अगर राष्ट्रपति शासन लागू करने की कोई बात करता है तो इसके लिए गुजरात सबसे फिट राज्य है।गुजरात हाई कोर्ट ने गुजरात सरकार के बारे में जो टिप्पणी की है उसको महाराष्ट्र भाजपा के नेताओं को पढ़ना चाहिए।  प्रदेश भाजपा के नेताओं को तत्काल गुजरात में जाकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए। पवार और मुख्यमंत्री के बीच मुलाकात पर राऊत ने कहा कि पवार अनुभवी नेता हैं। अगर सरकार के भविष्य और कोरोना की लड़ाई के बारे में मुख्यमंत्री ने उनसे मार्गदर्शन लिया तो किसी को बुरा नहीं मानना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पवार का मार्गदर्शन लेते हैं। 

सरकार मजबूत - थोराट
वहीं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष तथा राजस्व मंत्री बालासाहब थोराट ने कहा कि राज्य सरकार की स्थिरता को लेकर किसी प्रकार की शंका करने की जरूरत नहीं है। थोराट ने कहा कि सरकार मजबूत है। सरकार के पास संख्याबल है। सरकार अच्छा काम कर रही है। थोराट ने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने के संबंध में दिल्ली और मुंबई में कोई चर्चा नहीं है। यह बातें केवल मीडिया में आ रही है। हमने भी मीडिया से सुना है। एक सवाल के जवाब में थोराट ने कहा कि कांग्रेस नेता संजय निरूपम ने सरकार से कांग्रेस के हटने को लेकर जो बयान दिया है वह उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी है। निरूपम के बयान के बारे में पार्टी आलाकमान संज्ञान लेगा। मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है। 
 
सामना में पवार और कोश्यारी की मुलाकात को सामान्य घटना बताया गया
महाराष्ट्र में बीते दिनों से चल रही सियासी सरगर्मी के बीच सामना की एक संपादकीय राज्य की सरकार के स्थिर होने का दावा किया गया है। एनसीपी चीफ शरद पवार की राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को सामना ने एक सामान्य घटना बताया है। सामना में लिखा गया कि राजभवन में पिछले कुछ दिनों से लोगो का आना जाना लगा है ऐसे में राज्यपाल का क्या दोष? पवार के मातोश्री जाने पर इतना हंगामा क्यों? वो पहली बार तो वहां नही गए और सरकार में कोई भी अस्थिरता नहीं। अगर कोरोना का संकट ना होता तो 6 महीने सरकार चलाने का जश्न मनाया जा रहा होता।