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कोरोना वायरस का असर : इस बार नहीं होगा भारत-चीन सीमा कारोबार

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हर साल एक जून को लिपुलेख दर्रे से शुरू होने वाला भारत-चीन सीमा व्यापार इस वर्ष कोरोना के कारण नहीं होगा। व्यापार शुरू होने की तय तारीख में महज चार दिन बचे हैं लेकिन स्थानीय स्तर पर अब तक अधिकारियों को विदेश मंत्रालय से कोई निर्देश नहीं मिले हैं।

सूत्रों के अनुसार, शीर्ष स्तर पर इस संबंध में निर्णय ले लिया गया है। अब स्थानीय स्तर पर महज इसकी औपचारिक घोषणा होनी है। व्यापार स्थगित होने से सीमांत के करीब आठ सौ से अधिक लोगों की आजीविका सीधे प्रभावित होगी।

ताइवान को समर्थन से झुंझलाहट

सूत्रों ने कहा चीन को व्यापारिक मोर्चे पर झटका लग रहा है। चीन से विदेशी कंपनियां हटना चाहती हैं। संकट में सार्थक भूमिका की वजह से ताइवान को काफी समर्थन मिला है। जबकि चीन को दुनिया संदेह की नजर से देख रही है। भारत की भूमिका संकट के वक्त बढ़ी है। अमेरिका और भारत की रणनीतिक साझेदारी भी स्पष्ट नजर आई है। चीनी शासन में झुंझलाहट है।

करोड़ों का होता है आयात-निर्यात

साल 2019 में भारत चीन सीमा व्यापार में 1 करोड़ 91 लाख रुपये का आयात और 1 करोड़ 25 लाख रुपये की वस्तुओं निर्यात हुआ था। आयात की जाने वाली वस्तुओं में याक की पूंछ, गोट पसम ऊन, सुहागा और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं प्रमुख रहती हैं जबकि कॉफी, तंबाकु, नश्वार, माचिस, गुड़, मिश्री, रेडीमेड वस्त्र का निर्यात किया जाता है।

2008 में नहीं हुआ था भारत-चीन व्यापार
भारत और चीन के बीच वर्ष 1992 से कारोबार शुरू हुआ। इसके बाद वर्ष 2007 तक यह कारोबार दोनों देशों के बीच लिपूलेख दर्रे से होता रहा। वर्ष 2008 में चीन ने वहां हुए ओलंपिक को देखते हुए सुरक्षा कारणों से इस कारोबार को मंजूरी नहीं दी। तब भारत की तरफ से 11 व्यापारियों को ही ट्रेड पास जारी किए गये थे, लेकिन कोई भी चीनी मंडी नहीं जा सका।

इन वस्तुओं का होता है आयात-निर्यात
आयात-याक की पूंछ, गोट पसम ऊन, सुहागा, छिरभी-याक मिल्क उत्पाद, चाइनीज रजाई चरू, कंबल, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं
निर्यात- कॉफी, सुर्ती, नश्वार, माचिस, गुड़, मिश्री, रेडीमेड वस्त्र

कैलास मानसरोवर यात्रा भी नहीं होगी

पिथौरागढ़ (उत्तराखंड)। साल 1981 से चली आ रही कैलास मानसरोवर यात्रा 39 साल के इतिहास में पहली बार पूरी तरह स्थगित की जा रही है। उत्तराखंड से होने वाली कैलास यात्रा में हर साल 900 से अधिक लोग शामिल होते आए हैं। उत्तराखंड में कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) कैलास यात्रा की जिम्मेदारी संभालता है। केएमवीएन के एमडी रोहित मीणा ने बताया कि कोरोना के चलते कैलास मानसरोवर यात्रा के लिए हालात अनुकूल नहीं हैं। हालांकि इसमें अंतिम निर्णय विदेश मंत्रालय का ही होगा।