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Eid Special : ईद पर अभिनेता रजा मुराद को इस बात का है मलाल, मुंबई में महसूस कर रहे अकेला
30 साल में पहली बार भोपाल की ईद को किया मिस : रजा मुराद

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कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच देश भर में ईद का त्योहार आज मनाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इस बार ईद की नमाज घरों में पढ़ी जा रही है। हर बार ईद पर नमाजियों से गुलजार रहने वाली ईदगाहों में आज सन्नाटा पसरा हुआ है। बीते 30 सालों से ईद की नमाज भोपाल की ईदगाह में पढ़ने वाले मशूहर अभिनेता रजा मुराद भी इस बार ईद पर मायूस और अकेला महसूस कर रहे है।

एमपी खासकर भोपाल को बहुत मिस कर रहा हूं - वेबदुनिया से खास बातचीत में अभिनेता रजा मुराद कहते हैं कि तीस सालों में पहली बार हैं कि वो इस बार ईद पर भोपाल नहीं पहुंच पाए है। तीस साल में कभी नागा नहीं हो पाया ये तो मजबूरी है, कुदरत की तरफ से एक ऐसी महामारी आ गई है कि ना हवाई जहाज और न ट्रेन और न ही बाय रोड जा सकते है।

वेबदुनिया से बातचीत में रजा मुराद कहते हैं कि ईद पर मुंबई में वो बहुत अकेला महसूस कर रहे है। वह कहते हैं कि बड़ा अजीब लग रहा हैं कि इस बार हम भोपाल जहां हमने तीस साल तक ईद मनाई है वह नहीं जा पाए। अगर कुदरत को ये मंजूर है तो इंसान क्या कर सकता है, कुदरत के आगे इंसान बेबस है। आज ईद पर भोपाल को बहुत मिस कर रहा हूं और उपर वाले से दुआ करता हूं कि हालात ठीक हो जाए तो बकरीद पर भोपाल जरुर आऊंगा।
वेबदुनिया से बातचीत में वह मध्यप्रदेश से अपने लगाव को साझा करते हुए कहते हैं कि मैं सिर्फ भोपाल की बात नहीं कर रहा, मैं मध्यप्रदेश के किसी भी कोने में बड़वानी, खंडवा, खातेगांव, इंदौर, ग्वालियर कही भी रहूं मुझे ऐसा लगता है कि मैं अपने घर में हूं जो अपनापन और प्यार मुझे मध्यप्रदेश में मिलता है और जो मैं मध्यप्रदेश में आकर महसूस करता हूं वह और मैं कहीं नहीं महसूस करता हूं। आज ईद के मौके पर मैं अपने मध्यप्रदेश को बहुत याद कर रहा हूं, एक - एक लम्हें को याद कर रहा हूं।

घरों में रहकर ईद मनाने की अपील - रजा मुराद भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश के साथ देश के लोगों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहते हैं घर में रहकर ईद मनाइए और ऊपर वाले को घऱ से भी याद किया जा सकता है। अगर आप घर से नमाज पढ़ते है तो उपर तक पैगाम पहुंचता है। ये तो आसमान से फरमान है इसका कोई कुछ कर नहीं सकता और अब जो हालात है उसमें हमे सोशल डिस्टेंसिंग रखनी है।

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ईद पर लॉकडाउन से परेशान लोगों की करें मदद – वेबदुनिया से बातचीत में रजा मुराद लोगों से अपील करते है कि लॉकडाउन के चलते जिन लोगों के पास खाने को नहीं है उनकी मदद करके ईद के त्योहार मनाइए। वह कहते हैं कि जो खर्चा हमेशा कपड़ों और खाने पर करते है वहीं खर्चा अगर हम उन गरीबों को दें जिनके पास साधन नहीं है जो लॉकडाउन के वजह से बहुत परेशान है।
रजा मुराद कहते हैं कि वह ईद किस काम की है कि आप अपने घर में ईद मना रहे है और किसी के घर में चूल्हा नहीं जल रहा है। तो वह ईद किसी काम के नहीं है। अगर आप के पड़ोसी के घर में चूल्हा नहीं जल रहा है तो उसके साथ अपने खाने को बांटना बहुत जरूरी है,जिनके पास कुछ नहीं है उनके घर भी ईद मननी चाहिए अगर उनके घर में ईद नहीं मन रही है तो हमें ईद मनाने का कोई हक नहीं है

सुबह का आना यकीनी है - रजा मुराद की ईद किस तरह मन रही है कि इस सवाल के जवाब पर वह कहते हैं कि अल्लाह सब्र करने वालों के साथ होता है तो इस वक्त हमारे पास सब्र करने के अलावा कोई रास्त नहीं है। हम सब्र करने के साथ उपर वालों से दुआ करे कि अगली ईद, दीवाली, दशहरा और गणेश चतुर्थी आए तो मुल्क की हालात बिल्कुल ठीक हो जाए और ये महामारी हमारे मुल्क से गायब हो जाए। और जिस तरह अतीत में हम सब एक साथ सारे त्योहार मनाते थे वैसे ही हम आगे चलकर एक साथ फिर सारे त्योहार मनाए।

हमारी सृष्टि है जो हमारी कुदरत है इसका जो सिस्टम है न अच्छा वक्त रहता है न बुरा व वक्त रहता है अच्छा वक्त चला गया बुरा वक्त आय़ा है लेकिन ये भी नहीं रहेगा । बुरा वक्त भी एक मेहमान की तरह होता है जो आता है और चला जाता है ये जो काली रात है इसके बाद सुबह का आना यकीनी है बस हमे इंतजार करना है और उपर वालों को याद करना है।